Wednesday, December 09, 2015

09 12 2014 SHIVBHGVANUVACH SHIVSANDESH GYDS OMSHANTI

09 12 2014 SHIVBHGVANUVACH SHIVSANDESH GYDS OMSHANTI

मीठे मीठे सिकिल्धे बच्चों प्रति मातपिता बापदादा का यादप्यार और गुडमोर्निग .. रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते ... यह है गोड फादरली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी .... इसकी एम् ऑब्जेक्ट है मनुष्य से देवता बनना  ... यह है नर से नारायण बनने की शिक्षा ... नरे से नारायण बनने की कथा ... सर्वश्रेष्ठ भगवान ही बना सकते है ... बेहद बाप की जब पहेचान होती है तो फिर हद की बातें खत्म हो जाती है ... बाप कहते है गृहस्थ में रहते सिर्फ बुद्धि का योग बाप से लगाना है ... शरीर निर्वाह के लिए कर्म भी करना है ... पहले पहले तो यह याद करना है – मैं आत्मा हू ... इतनी छोटी बिंदी हू ... आत्मा को भी जानना है ... इस समय तुम योगेश्वर हो .. तुमको इश्वर राजयोग सिखा रहे है ... फिर राज राजेश्वर बनना है ... अभी तुम ज्ञानेश्वर हो फिर राजेश्वर अर्थात राजाओं के राजा बनेगे ..

मीठे बच्चे तुम्हें अभी बाप द्वारा दिव्य द्रष्टि मिली है ... उस दिव्य द्रष्टि से ही तुम आत्मा और परमात्मा को देख सकते हो .. जो समझते है की ड्रामा में जो कुछ पास्ट हो गया वह फिर से एक्यूरेट रिपीट होगा ... वह कभी किसी को भक्ति छोड़ने की राय नही देंगे ... दैवी गुण धारण करें है ... मीठे बच्चे अपने को आत्मा समझो, बाप को याद करो ... उनको याद करते करते तुम पावन बन जायेंगे .. फिर अंत मती सो गति हो जायेगी ... बाप कहते है मैं एक ही बार स्वर्ग की स्थापना करने आता हू .. एक ही दुनिया है जिनका चक्र फिरता रहता है ... वरदान – किनारा करें के बजाए हर पल बाप का सहारा अनुभव करने वाले निश्चय बुद्धि विजयी भव .... स्लोगन – एक बाप की कम्पन्नी में रहो और बाप को ही अपना कम्पेनियन बनाओ ... मुक्ति जीवनमुक्ति का रास्ता बाप से ही मिलता है ...

रूहानी निराकार बेहद का सुप्रीम रूह परम आत्मा परमात्मा पतितपावन रचयिता ज्ञानसागर कम्पेनियन भगवान बाप टीचर सतगुरु शिवबाबा राजयोग सिखने वाला ज्ञानेश्वर निश्चयबुद्धि आस्तिक बच्चा ... सदा का पुरुषार्थ ...आत्मा आत्मा भाई भाई ... मैं आत्मा हू - बाप का बच्चा हू ... सूक्ष्मस्वरूप हू .. बिंदु स्वरूप हू ... एक परमात्मा बाप के सहारे वाला निश्चयबुद्धि ... बाप की कम्पन्नी में रहने वाला कम्बाइनस्वरूप .. एक बाप की याद वाला योगेश्वर ... बुद्धियोगी कर्मयोगी ... विजयी आत्मा  ... विजयी भव की वरदानी आत्मा ... सूक्ष्म आत्मा ... पावन द्रष्टिवुर्ती कुर्ती ..  सिवल सतोप्रधान ... बेहद का सन्यास ... बेहद का वैराग्य ... सतयुग स्वर्ग पावन दुनिया का पवित्र पावन पूज्य सतोप्रधान सर्वश्रेष्ठ दिव्यगुणधारी देवता ... विश्व का मालिक .. राज राजेश्वर .. राजाओं का राजा ... सत्य नारायण .. हर कर्म करते हुए स्नेही सहयोगी .... ... वाह बाप टीचर सतगुरु वाह ... वाहबाबा वाहड्रामा वाहहमबच्चे ... वाह तकदीरवाह ....  

बेहद बाप का ज्ञानेश्वर योगश्वर राजेश्वर विजयी वरदानी आस्तिक राजा बच्चा

बेहद का वैरागी ...  बेहद का सन्यासी ... दिव्यस्वरूप देवता

देहिअभिमानी आत्मअभिमानी रूहानीअभिमानी परमात्माअभिमानी परमात्मज्ञानी परमात्माभाग्यवान
सर्वगुणसम्पन सोलहकलासम्पुर्ण सम्पुर्णनिविकारी मर्यादापुरुसोत्तम डबलअहिंसक डबलताजधारी ...
आत्मास्वरूप देवतास्वरूप पूज्यस्वरूप ब्राह्मणस्वरूप फरिश्तास्वरूप दिव्यस्वरूप ज्वालास्वरूप ..

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